Late Spring फिल्म के उतरार्ध में पिता और पुत्री में जो बातें होती है उसे हर उस लड़का लड़की को सुननी चाहिए जो विवाह का इच्छुक है या विवाह को टाल रहा है। पिता ने वैवाहिक जीवन के संबंध में अपनी बेटी को कुछ बेहतरीन बातें बतलाई हैं।
फिल्म के उतरार्ध में पिता और पुत्री के मध्य हुई बातें -
नोरिकों – मैं केवल आपके साथ रहना चाहती हूँ, ऐसे ही। मैं कहीं नहीं जाना चाहती । मैं आपके साथ ऐसे ही सुखी हूँ। मैं अभी जैसी हूँ वैसी ही खुश हूँ , विवाह मुझे और ज्यादा सुखी नहीं करेगा। आप चाहो तो पुनः विवाह कर लीजिये। मैं आपके साथ रह लूँगी। मैं आपसे बहुत प्यार करती हूँ। मेरा सबसे बड़ा सुख केवल आपका साथ है। हम अभी जैसे हैं वैसे ही क्यूँ नहीं रह सकते पिताजी। मैं नहीं सोचती विवाह मुझे और सुखी करेगा।
शूकिची – ये सच नहीं है, ऐसा कुछ भी नहीं है। मैं 56 वर्ष का हो चुका हूँ , मेरा जीवन समाप्ती कि ओर है, लेकिन तुम्हारा जीवन तो अभी आरंभ हो रहा है , एक नया जीवन तो अभी आरंभ हो रहा है । एक जीवन जो तुम और साताके एक साथ निर्माण करोगे। मेरे से अलग एक जीवन । इसी तरह जीवन और इतिहास दोनों प्रगति करते हैं। विवाह प्रारम्भ से ही खुशिया नहीं भी दे सकता हैं । लेकिन ये सोचना गलत है कि विवाह तत्काल ही आपको खुश करना प्रारम्भ कर देगा । सुख आशा करने कि नहीं बल्कि निर्माण करने कि वस्तु है । सुख केवल विवाह करने के बारे में नहीं है बल्कि सुख तो दंपति के द्वारा एक साथ नया जीवन निर्माण करने में निहित है । इस सुख को पाने में एक दो वर्ष लग भी सकते हैं या शायद 5-10 वर्ष भी लग जाये केवल तभी आप पूर्ण रूप से एक सच्चे दंपति होने का दावा कर सकते हैं । आप दोनों का एक दूसरे में विश्वास और प्यार होना आवश्यक है । साताके को वो सारा सोहार्द और स्नेह दिखाओ जो तुम अब तक मुझे दिखती आई हो । तभी तुम्हारा नया और सच्चा सुख उभरकर आएगा । समझी ? तुम समझी कि नहीं ?
नोरिकों – मुझे खेद है कि मैं इतनी स्वार्थी थी ।
शूकिची – तब तुम समझ गईं
नोरिकों – मैं बहुत स्वार्थी थी
शूकिची – मुझे खुशी है कि तुम समझ गयी , मैं नहीं चाहता था कि तुम अपने मन में वे विचार लेकर शादी करो जो तुम अब तक अनुभव कर रही थी । उससे विवाह कर लो। और मुझे पूर्ण विश्वास है की तुम सुखी रहोगी । ये कठिन नहीं है । मुझे विश्वास है की तुम दोनों एक उत्कृष्ट दंपति बनोगे। मैं ये आशा करता हूँ।
बहुत जल्द ही हम लोग आज की इन बातों को लेकर कर हंस रहे होंगे ।
नोरिकों – मुझे खेद है …. कि मैंने सदैव आपको चिंतित किए रक्खा।
शूकिची – तो फिर … सुखी रहो । ठीक है ?
नोरिकों – मुझे विश्वास है मैं सुखी रहूँगी ।
शुचिकि – तुम अवश्य सुखी रहोगी । मैं जानता हूँ तुम ये कर सकती हो, मुझे कोई चिंता नहीं है, सुखी रहो ।

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