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Showing posts from February, 2021

Brothers and Sisters of the Toda Family (戸田家の兄妹, Toda-ke no kyōdai) 1941

  कुछ लोगों की उपस्थिती मात्र ही आप को ऊर्जा एवं सुख से भर देती है, पिता के देहांत के एक वर्ष पश्चात टोडा परिवार के दूसरे बेटे शोजीरों का आगमन भी माँ और बहन के लिए कुछ ऐसा ही था। सम्पन्न टोडा परिवार के मुखिया शीनतारों टोडा का उनके 69 वें जन्मदिवस की संध्या को ही निधन हो जाता है। मृत्यु के बाद जब पता चलता है कि पिता उधारी छोड़ कर गए हैं तब सारे भाई-बहन उनकी संपाति बेचने का निर्णय लेते हैं। केवल एक जर्जर घर रह जाता है। दूसरे नंबर का भाई शोजीरों काम के सिलसिले में चाइना चला जाता है । माता और छोटी बहन का दायित्व अन्य भाई-बहनों पर आता है, जो बारी-बारी उनका भार वहन करते हैं। लेकिन सब अनमने से ही होते हैं कोई भी वृद्ध माँ और छोटी बहन कि देख-रेख ढंग से नहीं करता , सबके लिए वो दोनों एक आफत और बोझ ही होते है। अंततः दोनों माँ-बेटी उस बचे हुए पुराने घर में रहने चली जाती हैं। पिता कि बरसी पर जब शोजीरों चीन से लौटता है तब माँ और बहन कि अवस्था देख आग बबूला हो उठता है और सब भाई बहनों कि ठीक से खिंचाई करता है और उन्हें घर से निकल जाने को कहता है। शोजीरों माँ और बहन को अपने साथ चीन ले जाने का निर्...

What Did the Lady Forget? (淑女は何を忘れたか)1937

मेडिकल प्रोफेसर कोमियों के शांत-सुचारु जीवन में खलबली तब मचाती है जब सका से उनकी भतीजी सेत्सुकों का आगमन होता है। सेत्सुकों वैसे है तो नाबालिक किन्तु बड़ी ही मनमौजी और बेलौस किस्म की लड़की है । उसे सिगरैट, शराब और घूमना पसंद है। कोमियों शांत स्वभाव के हैं लेकिन पत्नी टोकिकों बेहद धौंस जमाने वाली मालिकाना किस्म की महिला है। सेत्सुकों को ये बिलकुल पसंद नहीं है। एक दिन कोमियों अपनी पत्नी को गोल्फ खेलने जा रहे हैं बोल कर अपने स्टूडेंट ओकाडा के पास रहने चले जाते हैं पीछे पीछे सेत्सुकों भी आ धमकती है । नशे में चूर सेत्सुकों को ओकाडा घर छोड़ने आता है। टोकिकों गुस्सा होती हैं लेकिन सेत्सुकों पर कोई फरक नहीं पड़ता। पति के लौटने पर टोकिकों शिकायत करती है । पत्नी को ये भी पता चल जाता है की वो गोल्फ खेलने नहीं गए थे। वो उन्हे धमकाती है । सेत्सुकों को कोमियों का शांत और दब्बू स्वभाव पसंद नहीं आता वो उन्हेकड़ा रुख अपनाने को कहती हैं । दूसरी शाम चाचा भतीजी फिर शराब पी कर आते हैं तो टोकिकों बिफर पड़ती है । तो इस पर कोमियों उसे एक थप्पड़ जड़ देता है। सेत्सुकों का तीर निशाने पर लगता है , वो दिखावे के लिए टोकि...

There Was a Father (父ありき Chichi Ariki) 1942

  र्योहे की बचपन से यह चाह थी की वो अपने पिता के साथ रहे। लेकिन ये चाह पूरी होने पहले ही पिता चल बसे। लेकिन र्योहे को कम से कम ये संतुष्टि थी की मृत्यु के पूर्व एक सप्ताह वो और पिता साथ-साथ रहे थे। वो उसके जीवन का सर्वश्रेष्ठ सप्ताह था। विदुर शुहे होरिकावा एक अध्यापक हैं, उनका एक 10 वर्षीय पुत्र भी है जो उनके साथ ही रहता है। स्कूल में एक पिकनिक के दौरान एक छात्र की मृत्यु हो जाती है , चूंकि उस पिकनिक का दायित्व शुहे पर था वो त्यागपत्र दे देता है । पिता अपने बेटे को एक बोर्डिंग स्कूल में भर्ती करवा कर स्वयं टोक्यो चले जाते हैं। समय बीतता है र्योहे 25 वर्ष का हो चुका है और अब वो भी एक अध्यापक है। एक बार जब वो पिता से मिलने आता है तो उनके साथ ही रहने की इच्छा व्यक्त करता है । पिता नकार देते हैं और उसे अपने भविष्य और काम पर ध्यान देने को कहते हैं। र्योहे 10 दिन की छुट्टी पर टोक्यो आया हुआ है, पिता चाहते हैं की र्योहे उनके मित्र हिराटा की पुत्री फुमिकों से विवाह कर ले। एक रात जब पिता जब अपने पुराने छात्रों की reunion से लौटते है तो उनको हृदयाघात होता है। हॉस्पिटल में पिता देहांत पूर्व ...