“ कुछ लोगों का जीवन छोटा होता है लेकिन सुखमय होता है, हम जिये जा रहे हैं लेकिन सुखी नहीं है । “ कहानी के नायक सुगियामा की अपनी सहकर्मी शोजी(गोल्डफिश) के साथ विवाहेतर संबंध (extra-marital affair) की कहानी है। साथ ही साथ यह एक नौकरीपेशा आदमी की जीवन से मोहभंग करुण और लाचार मनोदशा को भी दर्शाती है। ओज़ू के शब्दों में - "I wanted to have a go at representing their lifestyle. The thrill and aspirations one feels as a fresh graduate entering society gradually wane as the days go by. Even working diligently for thirty years doesn't amount to much." सुगियामा को अपनी सहकर्मी से प्यार हो गया है। उसकी बीवी मसाको को संदेह होने लगता है जब वो उसे खोया-खोया हुआ देखती है ,संदेह और भी गहरा हो जाता है जब सुगियामा अपने बच्चे की बरसी भी मानना भूल जाता है । ऑफिस के सहकर्मियों को भी उनके चक्कर का पता चलता है । मसाको घर छोड़ के माँ के पास चली जाती है । उधर सुगियामा का ऑफिस से स्थानांतरण हो जाता है । वो मसाको से मिलने का प्रयत्न करता है किन्तु असफल रहता है। वो टोक्यो छोड़ कर मिटसूईसी नामक छ...
A Blog dedicated to "The Most Japanese of all the Japanese directors"... Yasujirō Ozu 小津 安二郎 ... Thoughts, reviews and musings about His movies.