Ozu and His Vase Late Spring फिल्म में दर्शाये गए Vase पर बहुत से फिल्म लेखको और क्रिटिक्स ने बहुत कुछ लिखा है। प्रतिकात्मक दृश्य या वस्तु फिल्मों में एक आम बात है । किसी विषय को एक अलग अभिव्यक्ति देना ही उसका उदेश्य होता है। लेकिन देखने वाला इसे कैसे देखता है या इसमे क्या देखता है ये पूर्णतया उस व्यक्ति के तात्कालिक मनोभावों पर निर्भर करता है। नोरिकों ने अंततः विवाह करने का निश्चय कर लिया है और अपने पिता के पुनर्विवाह को लेकर भी कोई मैल उसके मन में नहीं है। एक आत्म-संतुष्टि का भाव है उसके चेहरे पर। पिता भी चैन की नींद ले रहे हैं। यहाँ पर Vase की बात करें तो निर्देशक हम दर्शकों को आत्म- चिंतन करने का एक अवसर दे रहा है। ताकि हम उन दोनों से हट कर कुछ क्षण चिंतन कर सके क्यूंकी अगर नायिका-नायक का चेहरा सामने रहे तो हम उनके साथ ही बहते चले जाएंगे। दूसरी बात करें तो, ओजू जैसे मंझे हुए निर्देशक का कोई भी फ्रेम व्यर्थ का नहीं हो सकता है ये तो निश्चित है। किसी भी फिल्म में हर दृश्य कहानी का अंग होता है हमे लगे या न लगे। इस संदर्भ में अगर Vase को ले तो ये एक तरह का अकेलापन दर्शाता है । शायद बेटी...
A Blog dedicated to "The Most Japanese of all the Japanese directors"... Yasujirō Ozu 小津 安二郎 ... Thoughts, reviews and musings about His movies.