मेडिकल प्रोफेसर कोमियों के शांत-सुचारु जीवन में खलबली तब मचाती है जब सका से उनकी भतीजी सेत्सुकों का आगमन होता है। सेत्सुकों वैसे है तो नाबालिक किन्तु बड़ी ही मनमौजी और बेलौस किस्म की लड़की है । उसे सिगरैट, शराब और घूमना पसंद है। कोमियों शांत स्वभाव के हैं लेकिन पत्नी टोकिकों बेहद धौंस जमाने वाली मालिकाना किस्म की महिला है। सेत्सुकों को ये बिलकुल पसंद नहीं है।
एक दिन कोमियों अपनी पत्नी को गोल्फ खेलने जा रहे हैं बोल कर अपने स्टूडेंट ओकाडा के पास रहने चले जाते हैं पीछे पीछे सेत्सुकों भी आ धमकती है । नशे में चूर सेत्सुकों को ओकाडा घर छोड़ने आता है। टोकिकों गुस्सा होती हैं लेकिन सेत्सुकों पर कोई फरक नहीं पड़ता। पति के लौटने पर टोकिकों शिकायत करती है । पत्नी को ये भी पता चल जाता है की वो गोल्फ खेलने नहीं गए थे। वो उन्हे धमकाती है ।
सेत्सुकों को कोमियों का शांत और दब्बू स्वभाव पसंद नहीं आता वो उन्हेकड़ा रुख अपनाने को कहती हैं । दूसरी शाम चाचा भतीजी फिर शराब पी कर आते हैं तो टोकिकों बिफर पड़ती है । तो इस पर कोमियों उसे एक थप्पड़ जड़ देता है।
सेत्सुकों का तीर निशाने पर लगता है , वो दिखावे के लिए टोकिकों से माफी मांगती है। उधर पति भी आ के माफी मांगता है । इस पर सेत्सुकों फिर से उनके नरम रवैये पर नाराज़ होती है कि सब कुछ अच्छा जा रहा था उन्होने गड़बड़ कर दिया। इस पर कोमियों सेत्सुकों को अपना The Opposite Approach समझते हुए कहते हैं कि पत्नियों से कड़ा बर्ताव सदैव अच्छा नहीं होता उनको अगर ऊपर रहना अच्छा लगता है तो रहने दो, जिस तरह बच्चों को आप केवल डांट कर नहीं सुधार सकते ।
सेत्सुकों को समझ में आ गया था कि अंकल जीतने भोले दिखते हैं उतने है नहीं।

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